सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य: फैसले पर सियासी संग्राम तेज, आज होगा बड़ा आयोजन

जयपुर

राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में हर सुबह वंदे मातरम् गीत गाने को अनिवार्य करने का आदेश दिया है। यह कदम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों के महत्व और पूरे साल देशभक्ति वर्ष मनाने के अभियान का हिस्सा है। शिक्षा विभाग ने कहा कि आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। 15 नवंबर तक यह व्यवस्था सभी संस्थानों में लागू हो जाएगी, और इसकी निगरानी जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।

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कांग्रेस ने किया विरोध
वहीं, कांग्रेस ने इस निर्णय को लेकर विरोध जताया है। प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी व्यक्ति या संगठन की इच्छा से नहीं। उन्होंने चेताया कि इस तरह के फ़रमान आने वाले समय में संघ के ध्वज-प्रणाम या शस्त्र पूजा को भी मदरसों में लागू करने की कोशिश हो सकती है। ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हरसहाय यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें, शिक्षकों की कमी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के बावजूद सरकार इन असली मुद्दों पर चुप है।

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सरकार ने बचाव किया
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यह निर्णय किसी धर्म या मजहब के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी शिक्षण संस्थानों में समान देशभक्ति माहौल तैयार करने के लिए लिया गया है।

जयपुर में 'वंदे मातरम् @ 150' के भव्य आयोजन की तैयारी
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी जयपुर में आज भव्य आयोजन की तैयारी है। सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन होगा, जिसमें करीब 50 हजार लोग एक साथ राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन करेंगे। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी भावना को समर्पित वर्षव्यापी अभियान "वंदे मातरम् @ 150" की शुरुआत है, जो 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक पूरे देश में चलेगा।

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